Saturday, 9 September 2017

जानिए किसके हाथों हुई थी ? भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु! || Lord Krishna's...





जानिए किसके हाथों हुई थी ? भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु! || Lord Krishna's death!
महाभारत का युद्ध कौरवों और पांडवों के बीच लड़ा गया
एक ऐसा भयानक युद्ध था जिसके कारण न जाने कितने लोगों ने अपनी जान गवाई और आज भी
उनके लहू से कुरुक्षेत्र की मिट्टी का रंग लाल ही है।  महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की कहानी को 18
खण्डों में संकलित किया था। कुरुक्षेत्र का युद्ध इस ग्रंथ का सबसे बड़ा भाग है
लेकिन युद्ध के पश्चात भी बहुत कुछ ऐसा रह गया जिसके विषय में जानना बहुत जरूरी
है। भगवान् श्रीकृष्ण की मृत्यु की घटना भी इसी का हिस्सा है।  मौसल पर्व
, महाभारत ग्रंथ के
18 पर्वों में से एक है जो 8 अध्यायों का संकलन है। इसी पर्व में भगवान् कृष्ण के
मानव रूप को छोड़ने की घटना का वर्णन है।
ये काल चक्र है इस काल चक्र मे मै आप सब का अभिनंदन
करता हूँ आइए जानते हैं क्या छिपा है मौसल पर्व की इस कहानी के भीतर...
हम सभी ये तो जानते ही हैं की भगवान कृष्ण की
मृत्यु जरा नाम के बहेलिये के तीर मारने से हुई थी परंतु सवाल ये उठता है की सिर्फ
एक बाण से ही भगवान की मृत्यु कैसे हो सकती है
? भगवान कृष्ण ने
अपने लिए भगवान राम की तरह इच्छा मृत्यु क्यूँ नहीं चुनी
?
इस पृथ्वी पर कोई भी घटना अकारण नहीं होती, इस घटना का संबंध त्रेता युग से जुड़ता है जब भगवान राम ने वानर राज
सुग्रीव की  सहायता करने का निश्चय किया और
उन्हे उनकी पत्नी समेत उनका राज्य वापिस दिलाने का वचन दिया । इसी क्रम मे वानर
राज सुग्रीव ने अपने बड़े भाई बाली को मल्ल युद्ध का निमंत्रण दिया
, क्यूंकी बाली को कोई भी सामने से पराजित नहीं कर सकता था, इसीलिए भगवान राम ने उसे एक पेड़ के पीछे छिप कर अपने बाण से मर गिराया ।
तब बाली ने भगवान राम से बड़े ही करुणा भरे शब्दों मे कहा भगवान इस जन्म मे अपने
मुझे मारा है अगले जन्म मे ठीक ऐसे ही मै आपको मरूँगा। भगवान राम ने तथस्तु कहा।
यही कारण था की द्वापर युग मे बाली का जन्म एक
बहेलिये के घर हुआ था
, और उसका नाम जरा था, बताया जाता है की भगवान कृष्ण के चरणो मे जन्म से ही एक नीसान था जो रात
के वक़्त चमकता था एक बार जब भगवान कृष्ण रात मे एक पेड़ की छाव मे विश्राम कर रहे
थे तभी जरा बहेलिये को उनके पैरों के निशान को देखकर लगा की ये किसी पक्षी की आँख
है और उसने बाण चला दिया जो भगवान कृष्ण के परों मे लगी और इस प्रकार उनकी मृत्यु
हो गई।


आज का श्लोका ज्ञान भगवत गीता से --

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ।।२३।।

इस आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते, अग्नि जला नहीं सकती, जल गला नहीं सकता और वायु सूखा
नहीं सकता।     



who killed lord krishna, who
killed lord rama, due to bali lord krishna was died, story of lord krishna,
krishna leela, , krishna death, how yadavas came to an end, why mahabharat
fought in kurukshetra, intersting facts of krishna, interesting facts of
draupadi, do you know???,
PuneetSway, kaal chakra, भगवान कृष्ण की मृत्यु कैसे हुई, Gyan-The Treasure, जानिए किसके हाथों हुई थी, Lord Krishna's death,

No comments:

Post a Comment

कलयुग में नारायणी सेना की वापसी संभव है ? The Untold Story of Krishna’s ...

क्या महाभारत युद्ध में नारायणी सेना का अंत हो गया ... ? या फिर आज भी वो कहीं अस्तित्व में है ... ? नारायणी सेना — वो ...